‘रायबरेली पर सवाल से पहले बनारस के जनादेश का जवाब दें राजनाथ सिंह’, अजय राय ने भाजपा को घेरा

लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के रायबरेली में राहुल गांधी की जीत और कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर उठाए गए सवालों पर कांग्रेस नेता अजय राय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि रायबरेली के जनादेश पर सवाल उठाने से पहले राजनाथ सिंह को वाराणसी के चुनाव परिणाम पर जवाब देना चाहिए। अजय राय ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर मतगणना की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।

रायबरेली में सोनिया के बाद राहुल गांधी की जीत का दिया उदाहरण

लखनऊ पहुंचे राजनाथ सिंह ने रायबरेली से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की जीत और समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर सवाल उठाए थे। इस पर अजय राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रायबरेली में 2019 से 2024 तक सोनिया गांधी सांसद रहीं और इसके बाद राहुल गांधी ने इसी सीट से जीत दर्ज की।

अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा को विपक्षी दलों के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक आचरण और चुनावी नतीजों का आकलन करना चाहिए। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत को लेकर भी सवाल उठाए।

‘भाजपा गठबंधन करे तो रणनीति, विपक्ष करे तो सवाल क्यों?’

अजय राय ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अपना दल (सोनेलाल), राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निषाद पार्टी जैसे सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।

उन्होंने कहा कि भाजपा अपने सहयोगियों के साथ चुनाव मैदान में उतरती है तो इसे राजनीतिक रणनीति बताया जाता है, लेकिन विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं तो सवाल खड़े किए जाते हैं। अजय राय ने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में गठबंधन करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है।

उन्होंने सवाल किया कि जब भाजपा खुद सहयोगी दलों के साथ चुनाव लड़ सकती है, तो विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाने का नैतिक आधार क्या है?

वाराणसी में मतगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग

अजय राय ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर मतगणना की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मतगणना के शुरुआती सात दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीछे चल रहे थे। उनके आरोप के मुताबिक, दोपहर 12 बजे के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से चुनावी अपडेट मिलने बंद हो गए और शाम करीब सात बजे मोदी की जीत की घोषणा कर दी गई।

कांग्रेस नेता ने मतगणना के सभी आधिकारिक आंकड़े, प्रत्येक दौर के परिणाम और संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी थी, तो उससे जुड़े तथ्यों को सामने लाने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

‘2029 का फैसला जनता करेगी’

अजय राय ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी अपने नेतृत्व और जनसमर्थन को लेकर आश्वस्त है, तो उसे विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाने के बजाय अपने काम और नीतियों के आधार पर जनता से समर्थन मांगना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों पर बहस करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता के सवालों का जवाब देना चाहिए। अजय राय ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव का फैसला जनता करेगी।

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